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एनीग्राम टेस्ट

नौ प्रेरणाएँ, अठारह स्थितियाँ। इनमें से कौन आपको सचमुच चलाती है?

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इस टेस्ट के बारे में

एनीग्राम नौ प्रकारों का एक मॉडल है, जो एक सीधे ख़याल पर बना है: लोगों में फ़र्क़ उनके बरताव से नहीं, उनकी प्रेरणा से आता है। दो लोग दिन में चौदह घंटे काम कर सकते हैं — एक इसलिए कि काम ठीक हो, दूसरा इसलिए कि उसे देखा जाए — एक ही काम, दो अलग दुनिया। इसीलिए एनीग्राम का टेस्ट आदतों के बजाय डर और ज़रूरत पर सवाल पूछता है।

इस मॉडल को वैसी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं मिली है जैसी शोध में इस्तेमाल होने वाले गुण-आधारित मॉडलों को मिली है। यह बीसवीं सदी में व्यक्तित्व-विकास के माहौल में बना, और इसकी क़ीमत वर्णनात्मक है: यह उन तंत्रों को शब्द देता है जिन्हें हम पहचान लेते हैं। बहुत-से लोग दो-तीन प्रकारों में ख़ुद को देखते हैं, और यह सामान्य है — एनीग्राम में « पंख » की बात भी है, यानी पड़ोसी प्रकार जो आपके प्रकार को रंग देते हैं।

आम कथनों की जगह अठारह ठोस स्थितियाँ: आप इतवार को क्या करते हैं, झगड़े में क्या करते हैं, दबाव में क्या करते हैं — क्योंकि प्रेरणा वहीं दिखती है। आख़िर में आपको अपना प्रमुख प्रकार और पूरा बँटवारा मिलता है। अगर दो प्रकारों के बीच पाँच अंक से कम का फ़ासला है, तो दोनों ख़ाके पढ़िए: सच अक्सर उन दोनों की रगड़ में होता है।

यह कैसे काम करता है

हर जवाब किसी एक प्रकार को एक अंक देता है। जो प्रकार सबसे ज़्यादा चुना जाता है वही आपका मुख्य नतीजा बनता है, और प्रतिशत का बँटवारा बाक़ी असर दिखाता है। कोई सवाल अकेले निर्णायक नहीं है: जोड़ मायने रखता है।

यह टेस्ट केवल मनोरंजन के लिए है। यह न कोई निदान है और न ही किसी पेशेवर की सलाह।